है दीक्षांत समीप आ रहा परिसर हुआ भिखारी है
काला कौआ बोल उड़ा चूना लगने की बारी है
खरपतवार बढ़े खंबे से खुश होता अधिकारी है
खिली-खिली आँखें हैं उसकी अब चांदी ही चांदी है
काला कौआ बोल उड़ा चूना लगने की बारी है
सड़क झेलती वजन शून्य का पाकेट कितनी भारी है
बोतल रैपर सिगरेट माचिस बीस लाख की गाड़ी है
काला कौआ बोल उड़ा चूना लगने की बारी है
बालू मिट्टी गिट्टी ठेका लेन-देन की बारी है
मजबूरी मजदूरी करती कामकाज सरकारी है
काला कौआ बोल उड़ा चूना लगने की बारी है
दूना खर्चा कभी न चर्चा मोलभाव बीमारी है
नेता क्रेता बोल चुके हैं सीएजी बीमारी है
काला कौआ बोल उड़ा चूना लगना तो जारी है
जल आकाश हवा ने भी तो कर ली इनसे यारी है
बड़ी-बड़ी मोटी फाइल में लीपा-पोती जारी है
काला कौआ बोल उड़ा चूना लगना तो जारी है
मैना गौरैया बुलबुल चुप ये इनकी लाचारी है
सीधा साफ़ सरल सम्प्रेषण खतरा कितना भारी है
सबकी बांछे खिली हुई हैं कुछ कहना मक्कारी है
सबका नेहू सबकी रोटी इसकी लाज हमारी है
हरी घास है हरी पत्तियाँ इक ही अर्ज़ हमारी है
पिले रहेंगे खिले रहेंगे चुप रहना बीमारी है
काला कौआ बोल उड़ा चूना लगना तो जारी है
सबकी बांछे खिली हुई हैं कुछ कहना मक्कारी है
है दीक्षांत समीप आ रहा परिसर हुआ भिखारी है
काला कौआ बोल उड़ा चूना लगने की बारी है
खरपतवार बढ़े खंबे से खुश होता अधिकारी है
खिली-खिली आँखें हैं उसकी अब चांदी ही चांदी है
काला कौआ बोल उड़ा चूना लगने की बारी है
सड़क झेलती वजन शून्य का पाकेट कितनी भारी है
बोतल रैपर सिगरेट माचिस बीस लाख की गाड़ी है
काला कौआ बोल उड़ा चूना लगने की बारी है
बालू मिट्टी गिट्टी ठेका लेन-देन की बारी है
मजबूरी मजदूरी करती कामकाज सरकारी है
काला कौआ बोल उड़ा चूना लगने की बारी है
दूना खर्चा कभी न चर्चा मोलभाव बीमारी है
नेता क्रेता बोल चुके हैं सीएजी बीमारी है
काला कौआ बोल उड़ा चूना लगना तो जारी है
जल आकाश हवा ने भी तो कर ली इनसे यारी है
बड़ी-बड़ी मोटी फाइल में लीपा-पोती जारी है
काला कौआ बोल उड़ा चूना लगना तो जारी है
मैना गौरैया बुलबुल चुप ये इनकी लाचारी है
सीधा साफ़ सरल सम्प्रेषण खतरा कितना भारी है
सबकी बांछे खिली हुई हैं कुछ कहना मक्कारी है
सबका नेहू सबकी रोटी इसकी लाज हमारी है
हरी घास है हरी पत्तियाँ इक ही अर्ज़ हमारी है
पिले रहेंगे खिले रहेंगे चुप रहना बीमारी है
काला कौआ बोल उड़ा चूना लगना तो जारी है
सबकी बांछे खिली हुई हैं कुछ कहना मक्कारी है
है दीक्षांत समीप आ रहा परिसर हुआ भिखारी है