Thursday, November 29, 2012

पथ दिया मुझको बता पाथेय देगा कौन


ले लिया निर्णय करूँगा खोज होकर मौन
पथ दिया मुझको बता पाथेय देगा कौन

चल रहा हूँ आँख मींचे
मान कर आदेश सारे
मौन रहकर कष्ट सहकर
बिन दिशा तन के सहारे
किस दिशा मुड़ना बता निर्देश देगा कौन
पथ दिया मुझको बता पाथेय देगा कौन
ले लिया निर्णय करूँगा खोज होकर मौन

रास्ता जो ले चुका हूँ
पत्थरों संग चल रहा है
संगति सम-गति समय सुध
ज्ञान मेरा छल रहा है
कंकडों सी रेत में जल भेद देगा कौन
पथ दिया मुझको बता पाथेय देगा कौन
ले लिया निर्णय करूँगा खोज होकर मौन

झेल मौसम के थपेड़े
कुल बदन पीड़ित हुआ है
बोझ कन्धों पर लिए
नव लक्ष्य अब जीवित हुआ है
वह चमकता गाँव तुमको कर सकेगा मौन
ले लिया निर्णय करूँगा खोज होकर मौन
पथ दिया मुझको बता पाथेय देगा कौन

केश सब उलझे
हवाएं कर रहीं क्रंदन
थक गया है पथ सुझाए
प्राण प्रेरित मन
दे दिया साधन बता अब साध्य देगा कौन
पथ दिया मुझको बता पाथेय देगा कौन
ले लिया निर्णय करूँगा खोज होकर मौन

अनुभवों की पोटली ले
पथ मुझे अब भा रहा है
अब दिशा का ज्ञान कुछ
स्पष्ट होता जा रहा है
अब दिशाओं का नहीं है युद्ध मैं फिर मौन
ले लिया निर्णय करूँगा खोज होकर मौन
पथ दिया मुझको बता पाथेय देगा कौन