Thursday, November 24, 2011

चांटा

महंगाई का
भ्रष्टाचार का
भेदभाव का
अवसरवादिता का
झूठ का
वादों का

गलत इरादों का
चांटा
अब तक मारा है
सत्ताधारियों ने
आम आदमी पर

अब
जब आम आदमी
गया है बिदक
और
जीवित है
उसकी संवेदना,
आज
उसका संतोष
संयम,
धैर्य,
सहनशीलता,
तितिक्षा,
वात्सल्य,
सब
उसको कर रहे हैं
बाध्य
उस हाथ को
उठाने पर
जिसकी एक उंगली
ने सत्ताधारियों
को चुना हो.

क्यों
इस चांटे
की अधिक
चर्चा है
उस चांटे से

मेरी कल्पना से
परे है
इसकी सोच...


[24 Nov 2011, Shillong, 10:10 PM]
Today one person (Harvinder Singh, a sikh youth) slapped Sharad Pawar, Minister of Agriculture, Govt of India.  I am little skeptical about what must have prompted him to think of taking such a step.  There have been few cases of this nature before, when people have been throwing chappals/shoes on the powerful people.  It is the outburst of common man against the ruler/powerful.  Where are we heading???