Showing posts with label प्लेटफार्म. Show all posts
Showing posts with label प्लेटफार्म. Show all posts

Thursday, January 15, 2015

प्लेटफार्म

ऊँची उड़ानों के स्वप्नों के साथ
सब चढ़ जाते हैं
विमानों में
रेलगाड़ियों में
या बसों पर
प्लेटफार्म
सारे प्लेटफार्म
मूक बने
हर रोज़
हर पल
निहारते रहते हैं
दौड़ भाग में लगी
इन मानव मशीनों को
सारा पाथेय प्रबंधन
ये मूक प्लेटफार्म करते हैं
परन्तु ऊंची उड़ानों पर जा रहे राही
प्रायः उनको अपनी स्मृति में
संजोते ही नहीं
और
स्थिर प्लेटफार्म निहारता रहता है
भीड़ को...