काश! मेरा ह्रदय होता आप सा
सांझ मेरी गूंजती अटखेलियों में
रात भी होती नई नववेलियों में
स्वप्न कर देते तभी कुछ चिन्ह अंकित
सुबह को खेलता मैं बहेलियों में
दिन प्रति, प्रति-दिन करूँ परिहास सा
काश! मेरा ह्रदय होता आप सा
जब कभी मेरा करें स्पर्श वो
मैने सोचा, वो नहीं, वो, वो, नहीं वो
याद किस-किस की करूँ मस्तिष्ट में
कोई आता कोई जाता शाम को
मेरा हर इक मोड़ करता हादसा
काश! मेरा ह्रदय होता आप सा
मैने सोचा भाव कुछ बढने लगें हैं
क्या कहूं अब शब्द भी लड़ने लगे हैं
माँ बहन मे अब कोई अंतर नहीं है
देह व्यापारों के पर लगने लगे हैं
हर नया महबूब करता स्वांग सा
काश! मेरा ह्रदय होता आप सा
आपका क्या है कोई मिल जाएगा
पर ना अब कोई मेरे घर आएगा
मेरे माथे पर लगी है मोहर जो
उसको कोई आपसा सहलाएगा
सहन करने का मुझे अभ्यास सा
काश! मेरा ह्रदय होता आप सा
(२ मार्च १९८८, तिलक कालोनी, सुभाष नगर, बरेली, उत्तरप्रदेश)
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Sunday, May 16, 2010
Monday, May 3, 2010
मेरा कुछ खो गया है
मेरे यार,
मेरा कुछ खो गया है.
नजाने मेरे ह्रदय को,
आज क्या हो गया है.
मेरे यार
मेरा कुछ खो गया है.
एक डाक्टर,
मुझे बी पी से
पीड़ित बताता है,
दूसरा,
ह्रदय को अमरीका
ले जाता है,
सर्जन,
ऑपरेशन की
सलाह दे जाता है,
मनोवैज्ञानिक,
टेली-पेथी से
परिचित कराता है,
ज्योतिषी,
कंप्यूटर का
स्विच दबाता है,
पुलिस विभाग,
आत्महत्या का
प्रयास बताता है,
पत्रकार,
डिटेल जानने को
विवश हो जाता है,
परन्तु,
कवि,
श्रृंगार रस की
कविता सुनाता है,
अनुभव कराता है,
जिसमे उनकी
तस्वीर रहा करती थी,
मेरे ह्रदय का,
वह पुर्जा,
आज
बंद हो गया है.
मेरे यार
मेरा कुछ खो गया है.
मेरे यार
मेरा कुछ खो गया है...
(१९ फरबरी १९८८, तिलक कालोनी, सुभाष नगर, बरेली, उत्तरप्रदेश)
मेरा कुछ खो गया है.
नजाने मेरे ह्रदय को,
आज क्या हो गया है.
मेरे यार
मेरा कुछ खो गया है.
एक डाक्टर,
मुझे बी पी से
पीड़ित बताता है,
दूसरा,
ह्रदय को अमरीका
ले जाता है,
सर्जन,
ऑपरेशन की
सलाह दे जाता है,
मनोवैज्ञानिक,
टेली-पेथी से
परिचित कराता है,
ज्योतिषी,
कंप्यूटर का
स्विच दबाता है,
पुलिस विभाग,
आत्महत्या का
प्रयास बताता है,
पत्रकार,
डिटेल जानने को
विवश हो जाता है,
परन्तु,
कवि,
श्रृंगार रस की
कविता सुनाता है,
अनुभव कराता है,
जिसमे उनकी
तस्वीर रहा करती थी,
मेरे ह्रदय का,
वह पुर्जा,
आज
बंद हो गया है.
मेरे यार
मेरा कुछ खो गया है.
मेरे यार
मेरा कुछ खो गया है...
(१९ फरबरी १९८८, तिलक कालोनी, सुभाष नगर, बरेली, उत्तरप्रदेश)
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