Showing posts with label principles. Show all posts
Showing posts with label principles. Show all posts

Wednesday, January 23, 2013

सड़क


सड़क पर कांच के टुकड़े पड़े कुछ बात कहते हैं
किसी की दौड़ मंजिल बिघ्न संशय पात कहते हैं
---
सभी गंतव्य सीधे हैं अगर हों साथ सच मोती
सड़क पथ द्रष्टि देती है सुझाये युक्ति नवज्योति

सड़क ले जाती है सबको सभी के घर स्वयं चलकर
मगर अपने उसूलों से वो टस से मस नहीं होती

मैं अक्सर देखकर गड्ढा सड़क पर चेत होता हूँ
मगर फिर भी मुसाफिर पर वो इक आंसूं नहीं रोती

जो सिगरट को दबाकर यों सड़क पर पीस देते हैं
वो उनकी वेदना को पढके हंसती है नहीं रोती

हमारी जिंदगी की बड रही रफ़्तार कहती है
सड़क बस सीख देती है कभी भी वो नहीं सोती

उसे गति गीत गाने से नहीं रोको नहीं टोको
कोई प्रतिफल नहीं सोचे न ही हीरे न ही मोती

सड़क ले जाती है सबको सभी के घर स्वयं चलकर

मगर अपने उसूलो से वो टस से मस नहीं होती