Showing posts with label हेरफेर. Show all posts
Showing posts with label हेरफेर. Show all posts

Saturday, September 15, 2012

काला धन

रात को पाकर एकांत
सात वर्षीय बालक
कोने में ले गया
रुपयों से भरा थैला

साथ लेना
चाहता था वह
काला पत्थर - कोयला
आतुर हो
किए अथक असफल प्रयास
पर नहीं मिला उसे
एक टुकड़ा कोयले का
उसे याद आया
'कोयला तो अभी भी खदानों में ही है'

भागकर गया
निकाला काला रंग
अपने कलर बॉक्स से
और आ बैठा
उसी कोने में

रंग दिए
सारे नोट
काले रंग से

आज सुबह
उसने सुन लिया था
पिता को
फ़ोन पर
करते बातें ...