Showing posts with label Clearance. Show all posts
Showing posts with label Clearance. Show all posts

Wednesday, May 19, 2010

जीवन एक चैक है

जीवन एक चैक है
यदि सार्थक हुआ तो
समाशोधित हुआ मना जाता है
और यदि निरस्त तो
बिना भुगतान
बैंक से वापस आ जाता है.
अब तो सरकार भी बल दे रही है
जीवन के सार्थक होने पर
शायद इसीलिए
अपराध की संज्ञा में
जोड़ दिया गया है
बिना भुगतान बैंक से
वापस आ जाना
किसी चैक का
किसी जीवन का...

(२४ अगस्त, १९९२, हर्मन माइनर स्कूल, भीमताल, नैनीताल, उत्तरप्रदेश, उत्तरांचल)