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Sunday, July 8, 2012

अभ्यास

24
मैं जब आंखें झुकाता हूँ, उन्हें आभास होता है,
खरा खोटा सुनाते हैं, विरोधाभास होता है,
मेरी ताकत, मेरा परिचय, मेरा चेहरा, मेरा दर्पण
मैं इतना सोच सकता हूँ, यही अभ्यास होता है।
7 May 2012, Shillong


Thursday, June 14, 2012

मैं इतना सोच सकता हूँ - 4

20
मेरा संसार उज्जवल है, मुझे घरवार का बल है,
सकल संसार मेरा घर, मेरा विश्वास निर्मल है,
मेरा दर्शन, मेरा बचपन, मेरा जीवन, मेरा उपवन,   
मैं इतना सोच सकता हूँ, यही सब साथ प्रतिपल है। 

21
मुझे संघर्ष करने का, जहाँ से भाव आता है,
उसी के मूल से,  शक्ति भरा प्रभाव आता है
मेरा हर क्रत्य अच्छा हो, मेरा आशय भी सच्चा हो
मैं इतना सोच सकता हूँ, नहीं अलगाव आता है।

22
मुझे नेतृत्व का कौशल,  मेरे अपने सिखाते हैं
मगर हर क्रत्य को मेरे, वो पलड़ों में बिठाते हैं
मेरा सुनना, मेरा सहना, मेरा कहना, मेरा करना,
मैं इतना सोच सकता हूँ, मेरा जीवन सजाते हैं.

5 May 2012, Shillong

Wednesday, September 29, 2010

अच्छा लगता है हवा मे उड़ना

अच्छा लगता है
हवा मे उड़ना
आसमान की ओर
भीड़ से दूर
वाहनो के शोर से दूर
बादलों से बात करना
टिमटिमाती धरती को निहारना

अच्छा लगता है
हवा मे उड़ना
आसमान की ओर
अनजानों के साथ
तारों को निहारना
और ऊंचाइयों को छूना

अच्छा लगता है
हवा मे उड़ना
यह जानते हुए भी
कि यह क्षणिक है
मैं यहाँ रह नहीं सकता
            अनजानों के साथ
मैं एक क्षण भूल जाता हूँ
मुझे उतरना है
फिर जाना है
अनजानों से दूर
अपनों के पास
धरती पर

मुझे अच्छा लगना चाहिए
धरती पर रहना
हवा मे उड़ने से ज्यादा
फिर भी
यह क्षणिक अनुभूति अच्छी है
जानता हूँ
यह क्षणिक है

प्रायः क्षणिक अनुभूतियों हेतु
हम युद्ध करते हैं,
       क्रुद्ध होते हैं
जानते हुए भी
जीवन क्षणिक सुख
          क्षणिक अनुभूतियों के हेतु
नहीं बिताया जा सकता है.

प्यार, स्नेह, सम्बन्ध,
समन्वय, सम्भाव, सम्पन्नता
सब धरती पर ही है
फिर भी
अच्छा लगता है
हवा मे उड़ना
आसमान की ओर
अपनों से दूर
क्यों?

(26 Sept 2010, On-board, GoAir - delhi-indore/8:10 pm)

Friday, April 9, 2010

EYES AND LOVE

The expression of Love
need no words,
having no language of its own.
But it turns them down
when it is shown.

The very feeling
brings the two together,
when the eyes speak
without uttering a single word,
without any physical advances,
even without chances.
When the eyes speak.

The cascade,
Oh!
That beautiful lake beside.
An island addressing the two,
side by side.

Penetrating my body
with the sound of love
and unknown breeze,
again the same sound of love,
no voice, no noise.

Speaking to my Love in eyes.
Eyes can speak no wrong,
though without words.
Eyes can express
nothing but Love.
Eyes can see no evil,
evil of action.

My dark brown eyes,
express something,
I wish it never dies.

(12th Sept 1997 at 11:45pm)
also available at: http://www.poetry.com/poems/eyes-and-love/7065251/